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SC-ST आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में 21 अगस्त को भारत बंद, राजस्थान में प्रशासन सतर्क
जयपुर: SC-ST आरक्षण के भीतर सब-कैटेगरी बनाने की अनुमति देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बुधवार, 21 अगस्त को भारत बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद का
Govind Vaishnav
Chief Editor
Aug 20, 2024 • 5:12 AM IST
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जयपुर: SC-ST आरक्षण के भीतर सब-कैटेगरी बनाने की अनुमति देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बुधवार, 21 अगस्त को भारत बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद का असर राजस्थान के विभिन्न शहरों में भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं बंद के दौरान प्रभावित नहीं होंगी, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरी सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है।

मुख्य सचिव सुधांश पंत ने तैयार किया योजना
राज्य के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने इस संदर्भ में 19 अगस्त को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में एसीएस (होम) आनन्द कुमार, पुलिस महानिदेशक यू. आर. साहू, पुलिस महानिदेशक (इंटेलीजेंस) संजय अग्रवाल, एडीजी (कानून व्यवस्था) विशाल बंसल, गृह सचिव रश्मि गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्य सचिव और डीजीपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न रेंज आईजी, संभागीय आयुक्त, एसपी, और जिला कलेक्टरों से फीडबैक भी लिया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बंद के आयोजकों के साथ निरंतर संपर्क में रहें और बंद से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियों, जैसे जुलूस के रूट, शामिल लोगों की संख्या और जुलूस के विभिन्न स्थानों पर पहुंचने का समय, को साझा करें। उन्होंने व्यापार मंडल और शांति समितियों के प्रतिनिधियों से निरंतर बातचीत करने का निर्देश दिया ताकि किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। इसके अलावा, महापुरूषों की मूर्तियों, रेलवे और बस स्टेशनों के पास पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती करने पर जोर दिया।
भारत बंद का कारण
सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने 1 अगस्त को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, जिसमें राज्यों को अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के भीतर सब-कैटेगरी बनाने की अनुमति दी गई थी। कोर्ट ने कहा था कि आरक्षण का लाभ उन लोगों को प्राथमिकता से मिलना चाहिए, जिन्हें इसकी वास्तव में जरूरत है। इस फैसले के बाद SC-ST वर्गों के भीतर विरोध के सुर उठने लगे हैं, जिसके चलते इस भारत बंद का आह्वान किया गया है।
बंद का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देना और इसे पलटने की मांग करना है। इस बीच, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि सरकार हमेशा से SC-ST वर्ग के साथ खड़ी है और उनके आरक्षण के हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी।
जयपुर में SC-ST संघर्ष समिति के बैनर तले एक पैदल मार्च का आयोजन किया जाएगा, जो सुबह 10 बजे रामनिवास बाग से शुरू होकर चारदीवारी के अंदर विभिन्न स्थानों से गुजरते हुए एक रैली में तब्दील हो जाएगा। राज्य प्रशासन द्वारा बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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