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49वीं बार रक्तदान कर एडवोकेट मनोज बैरवा ने डेंगू पीड़ित केकड़ी निवासी गोपाल लाल की जान बचाई
इंसानियत और साहस की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली जब एडवोकेट मनोज बैरवा ने एक बार फिर से रक्तदान करते हुए एक गंभीर स्थिति में फंसे मरीज की जान बचाई। यह घटना
Govind Vaishnav
Chief Editor
Oct 21, 2024 • 10:58 PM IST
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इंसानियत और साहस की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली जब एडवोकेट मनोज बैरवा ने एक बार फिर से रक्तदान करते हुए एक गंभीर स्थिति में फंसे मरीज की जान बचाई। यह घटना तब हुई जब केकड़ी निवासी गोपाल लाल वैष्णव जो डेंगू से पीड़ित थे की स्थिति अत्यधिक गंभीर हो गई। उनकी प्लेटलेट्स की संख्या खतरनाक रूप से 2000 से भी नीचे गिर गई थी जिससे उनकी जान को खतरा था। खासकर इसलिए कि कुछ ही दिन पहले उनके दिल में स्टंट डाला गया था और इस नाजुक स्थिति में तुरंत प्लेटलेट्स की आवश्यकता थी। गोपाल लाल का रक्त समूह AB- नेगेटिव था जो कि एक अत्यंत दुर्लभ ब्लड ग्रुप है और आसानी से उपलब्ध नहीं होता।

इस मुश्किल घड़ी में जब एक जिंदगी दांव पर लगी थी, कई लोगों ने अपनी इंसानियत का परिचय देते हुए लगातार प्रयास किया। रक्तदान जीवनदान ग्रुप के आसिफ और सुमित वैष्णव, भारत विकास परिषद केकड़ी के सचिव दिनेश वैष्णव, भव्यदीप भल्ला, फिनोआ कैपिटल फाइनेंस, हितेश डोगरा एसके फाइनेंस, राजीव वर्मा, याशिन खान निखिल माथुर और शिक्षक दिनेश वैष्णव गुजराती मोहल्ला केकड़ी ने न सिर्फ समय पर जरूरी संसाधन जुटाने का काम किया बल्कि अपने सतत प्रयासों से यह सुनिश्चित किया कि मरीज को सही समय पर प्लेटलेट्स उपलब्ध हो सकें। इन सभी के समर्पण और मानवीय भाव ने एक व्यक्ति की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई जिससे यह साबित होता है कि जब लोग एकजुट होते हैं तो किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है।

बांदनवाड़ा की जीवन ज्योति संस्था के मुकेश पूरी ने एडवोकेट मनोज बैरवा से संपर्क किया जिनका भी ब्लड ग्रुप AB- नेगेटिव है। मनोज बैरवा ने बिना कोई समय गंवाए रात 10 बजे आकर एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) दान करने का फैसला किया। उन्होंने तुरंत प्लेटलेट्स डोनेट की, जिससे गोपाल लाल की स्थिति स्थिर हो सकी और उनकी जान बचाई जा सकी। परिवार और रक्त बैंक के स्टाफ ने मनोज बैरवा का धन्यवाद किया और उनके इस मानवीय कृत्य के लिए आभार व्यक्त किया। मनोज बैरवा का यह 49वां रक्तदान था, और इससे पहले उन्होंने 48 बार रक्तदान करके कई और लोगों की जिंदगी बचाई है।

विशेष बात यह है कि AB- नेगेटिव ब्लड ग्रुप विश्व की जनसंख्या के मात्र 0.5% में ही पाया जाता है, और ऐसे रक्त समूह के लोग बहुत कम संख्या में होते हैं जो नियमित रूप से रक्तदान करते हैं। मनोज बैरवा उन गिने-चुने लोगों में से एक हैं जो न केवल खुद को रक्तदान के लिए हमेशा तत्पर रखते हैं, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करते हैं। मनोज बैरवा ने इस अवसर पर अपील की कि वर्तमान समय में डेंगू का प्रकोप फैला हुआ है और डेंगू से पीड़ित मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या बेहद कम हो जाती है। ऐसे में कई बार मरीजों की जान पर बन आती है। उन्होंने समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे जागरूक हों और समय-समय पर रक्तदान व एसडीपी दान करें, ताकि जरूरतमंद लोगों की जान बचाई जा सके।
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