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सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन
केकड़ी । राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय उपशाखा केकड़ी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत गुरुवार को शिक्षकों की विभिन्न मांगो को लेकर उपशाखा अध्यक्ष
Govind Vaishnav
Chief Editor
Aug 07, 2025 • 6:54 AM IST
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केकड़ी । राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय उपशाखा केकड़ी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत गुरुवार को शिक्षकों की विभिन्न मांगो को लेकर उपशाखा अध्यक्ष नवलकिशोर जांगिड़ के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया और राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन से पूर्व सभी कार्यकर्ता राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय केकड़ी में एकत्रित हुए, जहां से हाथों में तख्तियां लेकर रैली के रूप में नारे लगाते हुए उपखण्ड कार्यालय पहुंचें, जहाँ संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बजरंगप्रसाद मजेजी और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष बिरदीचन्द वैष्णव ने उपखण्ड अधिकारी के प्रतिनिधि को संगठन की पांच सूत्रीय मांगों से अवगत कराया। इस दौरान आक्रोशित शिक्षक कार्यकर्ताओं ने उपखण्ड कार्यालय में शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शिक्षा विभाग में लंबे समय से चल रही समस्याओं और शिक्षकों की उपेक्षा पर नाराजगी जताई।

उपशाखा अध्यक्ष नवलकिशोर जांगिड़ ने बताया कि सरकार से कई दौर की वार्ताओं के बावजूद शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नही हुआ। जांगिड़ ने बताया कि भाजपा ने चुनाव पूर्व अपने घोषणा पत्र में सरकार बनने पर शिक्षक कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने, स्थानांतरण नीति बनाने, संविदा कर्मियों को स्थाई करते हुए भविष्य में स्थाई नियुक्ति ही करने, शिक्षकों को गैर-शैक्षिक कार्यों से मुक्त रखने और शिक्षा विभाग में एनजीओ की दखलंदाजी बंद करने आदि के वायदे किए थे। लेकिन इन्हें पूरा नहीं किया गया।

जिलाध्यक्ष महेश शर्मा ने सरकार से शिक्षकों के सभी संवर्गों के लंबित स्थानांतरण, पदोन्नति, रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करने एवं कम्प्यूटर अनुदेशक के पदनाम परिवर्तन की भी मांग की है। शर्मा ने बताया कि विशेषकर तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण सात वर्षों से रुके हुए है। वही वरिष्ठ अध्यापक से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी तक की डीपीसी भी वर्षों से लम्बित है। इसमें 'जीरो टॉलरेंस नीति' की तरह संगठन ने 'जीरो डीपीसी नीति' अपनाने और समयबद्ध ढांचा लागू करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त संगठन ने मांग की है कि शिक्षकों को पूरे सेवाकाल में कम से कम तीन पदोन्नत्तियाँ और 18 वर्ष की सेवा के बाद राजपत्रित अधिकारी का दर्जा दिया जावें।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी 14 अगस्त को प्रदेश भर में विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए जाएंगे, इसके बाद भी सरकार ने ध्यान नही दिया तो संगठन अगले चरण के आंदोलन की घोषणा करेगा। इस दौरान संगठन के विभाग संगठन मंत्री जितेन्द्र सिंह राठौड़, जिला संगठन मंत्री राजेन्द्र सुजेडिया और जिला उपसभाध्यक्ष मोजेन्द्र सिंह राव ने भी शिक्षकों को संबोधित किया।
इस दौरान अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विष्णु शर्मा, सुरेश चौहान, जिला महिला मंत्री प्रभा पंचोली, अतिरिक्त जिला मंत्री संजय वैष्णव, उपशाखा मंत्री भागचन्द लखारा, कोषाध्यक्ष प्रदीप जैन, प्रधानाचार्य श्रीधर जाट, रामबाबू सोनी, ईद मोहम्मद, मदनमोहन परेवा, व्याख्याता हरिनारायण बीदा, अमित मेड़तवाल, अशोक पाटीदार, राजेश कुमार उपाध्याय, अभिषेक वैष्णव, ऋषिराज सोनी, सोनू कुमावत, मीता व्यास, अंशु माथुर, विमला नागला, रेणु जैन, मीनाक्षी पाराशर, शबाना बानो, रीना कुमारी, सुनिता चौधरी, कोमल साहू, मनीष दाधीच एवं दिनेश कुमार वैष्णव सहित सैंकड़ो शिक्षक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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