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शिक्षा एवं शिक्षकों की विभिन्न लंबे समस्याओं के समाधान की मांग...शैक्षिक महासंघ के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ भेंटवार्ता
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) के प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ शिक्षा एवं शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस
Govind Vaishnav
Chief Editor
Jul 22, 2024 • 9:15 AM IST
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अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) के प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ शिक्षा एवं शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर लंबी वार्ता संपन्न हुई । इस संबंध में जानकारी देते हुए महासंघ के अध्यक्ष प्रोफेसर जेपी सिंघल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के समुचित क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त ढांचागत सुविधाएं विकसित करने तथा शैक्षणिक और अशैक्षणिक रिक्तियों को प्राथमिकता से भरने, माइनर व मेजर रिसर्च प्रोजेक्ट तथा फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत पीएचडी हेतु टीआरएफ की व्यवस्था को बहाल करने, पीएचडी कोर्स वर्क हेतु सवैतनिक अवकाश देने, यूजीसी रेगुलेशन 2018 के प्रावधानों को संपूर्ण देश में एक समान रूप से लागू करने, विसंगति निवारण समिति की रिपोर्ट जारी करने, स्नातक महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी शोध निदेशक बनने का प्रावधान करने जैसी उच्च शिक्षा क्षेत्र की कई प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई ।

महामंत्री शिवानंद सिंदनकेरा ने विद्यालय शिक्षा से संबंधित समस्याओं पर विस्तार से पक्ष रखा । संगठन द्वारा प्रस्तुत समस्याओं में प्रमुख रूप से पुरानी पेंशन योजना लागू करने, शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को देशभर में एक समान रूप से लागू करने, तदर्थ व्यवस्था को समाप्त कर स्थाई रूप से रिक्त पदों को भरने, पदोन्नति हेतु टेट की अनिवार्यता को समाप्त करने तथा समयबद्ध पदोन्नति संपन्न करने आदि विषय शामिल थे ।एबीआरएसएम एनआईटी टीचर्स फॉरम के संयोजक प्रोफेसर महेंद्र श्रीमाली ने बताया कि शिक्षा मंत्री जी से एनआईटी काउंसिल का गठन करने, एनआईटी को सीएसआर के अंतर्गत फंड प्राप्त करने हेतु नोटिफाई करने, एनआईटी के सेवानिवृत्ति कार्मिकों को सीजीएचएस के अंतर्गत चिकित्सा सुविधा प्रदान करने, तथा कैरियर एडवांसमेंट में समयबद्ध पदोन्नति देने आदि बिंदुओं पर तथ्यों सहित पक्ष रखा गया ।
शिक्षा मंत्री जी के साथ लगभग दो घंटे हुए संवाद में उन्होंने विभिन्न संवर्गों की सभी समस्याओं को एक-एक करके समझा तथा अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत नोट बनाकर प्रस्तुत करने हेतु कहा । उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार शिक्षा एवं शिक्षकों के हितों में काम करने के लिए संकल्पबद्ध है और महासंघ द्वारा उठाए गए विषयों पर अधिकारियों के साथ बैठक कर शीघ्र समुचित सकारात्मक कार्यवाही की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष एवं महामंत्री के अलावा राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर, सह संगठन मंत्री जी लक्ष्मण, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार, अतिरिक्त महामंत्री नारायण लाल गुप्ता, उपाध्यक्ष प्रो प्रज्ञेश शाह, सचिव प्रो गीता भट्ट भी शामिल थे ।
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