केकड़ी, 10 अक्टूबर- अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उच्च शिक्षा राजस्थान के तत्वधान में केशव विद्यापीठ महाविद्यालय केकड़ी में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300 वीं जन्म जयंती वर्ष समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता धर्म नारायण वैष्णव जिला प्रचार प्रमुख भीलवाड़ा एबीआरएसएम (उच्च शिक्षा) राजस्थान ने लोकमाता अहिल्याबाई के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।


लोकमाता का जीवन भारतीय इतिहास का स्वर्णिम पक्ष है लेकिन दुर्भाग्य है कि हमें इतिहास में यह स्वर्णिम अध्याय  पढ़ाया नहीं जाता है।लोकमाता अहिल्याबाई ने अपने शासन में शासन व्यवस्था के प्रतिमान स्थापित किया ।समाज के साथ एक माता का व्यवहार स्थापित किया। महिलाओं के लिए कुटीर उद्योगों की स्थापना की। दुष्टों के लिए उचित दंड व्यवस्था स्थापित कर एक न्यायकारी एवं शांति संपन्न प्रशासन का संचालन किया ।उनके द्वारा अनेक प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया गया। राज्य में समुचित कर व्यवस्था की लागू की गई। महिलाओं के लिए साड़ी बनाने का कुटीर उद्योग प्रचलित किया,जो आज भी माहेश्वरी साड़ी के नाम से प्रसिद्ध है ।


उनकी न्यायप्रियता और पारदर्शिता हमारे लिए युगों युगों तक प्रेरणादायी रहेगी। उन्होंने छात्रों एवं संकाय सदस्य से आग्रह किया कि हम इन महापुरुषों के बारे में अधिक से अधिक पढ़ें और उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त करें।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य मोनू शर्मा ने की तथा बताया कि अहिल्याबाई होल्कर उन महिला शासको में से थी जिन्होंने भारतीय संस्कृति की पुनरुत्थान में महत्वपूर्ण योगदान निभाया। संचालन शिवराज जी कुमावत ने किया। समारोह में छात्रों के अतिरिक्त महाविद्यालय के संकाय सदस्य  उपस्थित रहे। संकाय सदस्य विशाल सेन ने सभी का आभार व्यक्त किया।