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रामस्नेही वाटिका में ग्यारह दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन
केकड़ी- रामस्नेही वाटिका में ग्यारह दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन शनिवार को हुआ। कथा व्यास संत रामशरण महाराज ने अंतिम दिवस पर भागवत कथा की म
Govind Vaishnav
Chief Editor
Sep 20, 2025 • 6:05 AM IST
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केकड़ी- रामस्नेही वाटिका में ग्यारह दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन शनिवार को हुआ। कथा व्यास संत रामशरण महाराज ने अंतिम दिवस पर भागवत कथा की महिमा का बखान करते हुए कहा कि भागवत श्रवण मनुष्य के जीवन को दिशा देने वाला है, यह आत्मा को निर्मल और समाज को एकसूत्र में बांधने वाला साधन है।

कथा में अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के आचार्य रामदयाल जी महाराज ने गढ़बोर चारभुजा जी की पावन धरती से अपना वर्चुअल उद्बोधन देकर सभी भक्तों को आशीर्वाद दिया और विश्व शान्ति की मंगलकामना प्रकट किया। पूर्णाहुति अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुतियां अर्पित की गईं। इसके पश्चात महाआरती सम्पन्न हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर भगवान के सम्मुख भक्ति भाव प्रकट किया। कथा पंडाल भजन-कीर्तन और जयकारों से गूंज उठा।
इस पावन अवसर पर मेहरू कला आश्रम के संत हरिदास महाराज ने भी उपस्थित होकर श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा समाज में भक्ति, प्रेम और सद्भाव फैलाने का सर्वोत्तम माध्यम है। जब इंसान सेवा और परोपकार को अपनाता है, तभी उसका जीवन सफल होता है। कार्यक्रम में सेवा देने वाले कार्यकर्ताओं और सहयोगियों को व्यास पीठ से सम्मानित किया गया। आयोजन समिति की ओर से व्यास पीठ का पूजन कर कथा व्यास संत रामशरण महाराज का स्वागत-अभिनंदन किया गया और उन्हें भगवा वस्त्र भेंट किए गए।समापन पर महाप्रसाद का वितरण हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे परिसर में भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
रामद्वारा सेवा सत्संग समिति के रामगोपाल माली ने बताया कि समापन दिवस की कथा के मुख्य यजमान पदम सिंगोदिया, संदीप सिंगोदिया की और से पूर्णावती के भंडारे की सेवा की गई हैं। समिति के द्वारा चातुर्मास में हो रही सभी कथाओं में सेवा देने वाले बढते क़दम गोशाला के सदस्यों रामेश्वर प्रसाद मिश्र, यज्ञनारायण सिंह शक्तावत, अमित गर्ग, आनंदीराम सोमानी, निरंजन तोषनीवाल, राजेन्द्र बियानी, दशरथ चौधरी,भगवान शाक्य, हरिराम विजय, तुलसी राम विजय, एवं दिग्विजय सिंह,भेरू सिंह,महावीर धाकड़,टोनी, रतन माली का व्यासपीठ से सम्मानित करवाया गया।कार्यक्रम के अंतिम दिन शनिवार को सुबह हवन एवं पूर्णाहुति तथा भंडारे का आयोजन आयोजकों द्वारा किया गया।
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