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महात्मा ज्योतिबा फुले की 198वीं जयंती मनाई विधायक शत्रुघ्न गौतम रहे मुख्य अतिथि, वक्ताओं ने फुले के योगदान को बताया प्रेरणादायक
केकड़ी। माली समाज द्वारा महात्मा ज्योतिबा फुले की 198वीं जयंती जयपुर-भीलवाड़ा बाईपास स्थित महात्मा फुले सर्किल पर हर्षोल्लास से मनाई गई। कार्यक्रम में विधाय
Govind Vaishnav
Chief Editor
Apr 11, 2025 • 6:15 AM IST
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केकड़ी। माली समाज द्वारा महात्मा ज्योतिबा फुले की 198वीं जयंती जयपुर-भीलवाड़ा बाईपास स्थित महात्मा फुले सर्किल पर हर्षोल्लास से मनाई गई। कार्यक्रम में विधायक शत्रुघ्न गौतम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता नवयुवक मंडल अध्यक्ष हेमराज कच्छावा ने की। रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन व समाजसेवी रामगोपाल करोड़ीवाल मुख्य वक्ता रहे।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि महात्मा फुले का पूरा नाम ज्योति राव गोविंद राव फुले था। वे 19वीं सदी के महान समाज सुधारक, शिक्षाविद, विचारक और लेखक थे। उन्होंने समाज में फैले जातिवाद, अस्पृश्यता और महिला विरोधी सोच के खिलाफ आवाज उठाई।

महात्मा फुले ने वर्ष 1848 में अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर पुणे में देश का पहला बालिका विद्यालय स्थापित किया। उन्होंने सावित्रीबाई को शिक्षित कर पहली महिला शिक्षिका बनने के लिए प्रेरित किया। फुले ने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर दलित, शूद्र और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। वक्ताओं ने कहा कि महात्मा फुले का जीवन समता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित था। वे आज भी आधुनिक भारत के अग्रदूत के रूप में याद किए जाते हैं।

इस कार्यक्रम में रामचंद्र अरेडिया ,धनराज कच्छावा, रामधन करोड़ीवाल, गिलू राम करोड़ीवाल ,सत्यनारायण बीदा ,गोपाल सुवाल, घीसा लाल गढ़वाल, गणेश कच्छावा, सत्यनारायण करोड़ीवाल,ओमप्रकाश गुलगांवा,बालू करोड़ीवाल,ओमप्रकाश अजमेरा ,शांतिलाल करोड़ीवाल ,कैलाश अजमेरा आदि लोग उपस्थित थे।

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