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बरसात में घरों तक पहुंचा सांपों का खतरा, किशन पटेल ने 400 से अधिक जीवों को रेस्क्यू कर लौटाई जिंदगी
केकड़ी- बरसात का मौसम जहां सुकून लेकर आता है वहीं यह जंगल के जीव-जंतुओं के लिए संकट बनकर सामने आता है। लगातार हो रही बारिश के कारण ज़मीन के भीतर रहने वाले ज
Govind Vaishnav
Chief Editor
Jun 24, 2025 • 7:06 AM IST
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केकड़ी- बरसात का मौसम जहां सुकून लेकर आता है वहीं यह जंगल के जीव-जंतुओं के लिए संकट बनकर सामने आता है। लगातार हो रही बारिश के कारण ज़मीन के भीतर रहने वाले जीव-जंतु खासकर सांप सुरक्षित ठिकानों की तलाश में इंसानी बस्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। केकड़ी शहर में दो अलग-अलग स्थानों पर सांपों के घरों में घुस जाने से हड़कंप मच गया। लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंचे स्थानीय रेस्क्यू विशेषज्ञ किशन पटेल ने दोनों सांपों को सुरक्षित रूप से पकड़कर जंगल में छोड़ दिया। पकड़े गए सांपों में एक टाइगर स्नेक था जो विषहीन होता है और इंसान के लिए कोई खतरा नहीं रखता जबकि दूसरा एक मादा कोबरा थी जो अत्यंत जहरीली प्रजाति में आती है

बरसात के मौसम में ऐसे दृश्य अब आम होते जा रहे हैं। जब जमीन के अंदर पानी भरता है तो सांप अपने प्राकृतिक आवास छोड़कर सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में निकल पड़ते हैं और गलती से घरों या बस्तियों में पहुंच जाते हैं। लोगों में सांपों को लेकर तमाम भ्रांतियां फैली हुई हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार अधिकतर सांप जहरीले नहीं होते और न ही वे स्वभाव से आक्रामक होते हैं। वे शर्मीले जीव हैं जो आमतौर पर इंसानों से दूर ही रहना पसंद करते हैं। भारत में पाई जाने वाली सैकड़ों प्रजातियों में से केवल कुछ ही वास्तव में घातक होती हैं जैसे कोबरा, करैत, रसेल वाइपर और सॉ स्केल्ड वाइपर। बाकी सांपों से डरने की जरूरत नहीं होती। केकड़ी निवासी किशन पटेल इस क्षेत्र में बेजुबान जीवों के रक्षक के रूप में पहचाने जाते हैं। पटेल मैरिज गार्डन के संचालक होने के बावजूद वे बिना किसी सरकारी सहायता या वेतन के निःस्वार्थ सेवा भाव से वर्षों से वन्य जीवों का रेस्क्यू कर रहे हैं। अब तक वे 400 से भी अधिक सांप, नेवले, गोह, गोयरा व अन्य जीवों को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ चुके हैं। किशन पटेल को इस दिशा में प्रेरणा केकड़ी निवासी और जीव सेवा से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ता दिनेश ओझा से मिली थी। उन्हीं की सीख और मार्गदर्शन से किशन पटेल ने इस सेवा को जीवन का मिशन बना लिया। वे हर मौके पर खुद अपने साधनों से पहुंचते हैं चाहे सूचना सुबह हो या आधी रात, खेत हो या घर। रेस्क्यू के दौरान वे पूरी सावधानी बरतते हैं और जीवों को बिना किसी चोट के जंगल में छोड़ते हैं। वे लगातार लोगों को यह संदेश देते हैं कि यदि घर या आसपास कोई सांप दिखे तो डरें नहीं बल्कि संयम रखें और तुरंत विशेषज्ञ को बुलाएं। खुद से कोई कदम न उठाएं क्योंकि यह जानलेवा हो सकता है। केकड़ी शहर में हो रही लगातार बारिश के कारण अब जगह-जगह जलभराव, कचरा और गंदगी बढ़ गई है जिससे ऐसे जीव-जंतुओं के बस्तियों में घुसने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में किशन पटेल जैसे निःस्वार्थ सेवा करने वाले लोग न केवल राहत पहुंचाते हैं बल्कि एक उदाहरण भी स्थापित करते हैं।

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