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पीपलू क्षेत्र में मासी बांध का पानी बना संकट, एसडीआरएफ ने बहते बच्चे और महिला को बचाया
टोंक: टोंक जिले के निवाई, पीपलू और मालपुरा उपखंडों में इस मानसून सत्र में हुई अच्छी बरसात के कारण इन क्षेत्रों की नदी, नाले और एनीकट उफान पर हैं। इस बारिश क
Govind Vaishnav
Chief Editor
Aug 04, 2024 • 9:08 PM IST
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टोंक: टोंक जिले के निवाई, पीपलू और मालपुरा उपखंडों में इस मानसून सत्र में हुई अच्छी बरसात के कारण इन क्षेत्रों की नदी, नाले और एनीकट उफान पर हैं। इस बारिश के कारण कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। रविवार को पीपलू क्षेत्र में दो घटनाएं घटीं, जिनमें जानमाल का नुकसान होते-होते बचा। पहली घटना में, बगड़ी एनीकट पर पानी के तेज बहाव में 14 साल का बच्चा दिलखुश कीर बहने लगा।
एसडीआरएफ के जवान गोविंद नारायण, कांस्टेबल कानजी राम और राकेश चंदेल ने ग्रामीणों के सहयोग से बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। जब 15 साल का यह बच्चा बह रहा था, उसी दौरान गोविंद नारायण ने पानी में छलांग लगा दी और ग्रामीणों के साथ मिलकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला।
दूसरी घटना पीपलू क्षेत्र के बलखंडिया नाले में हुई। 50 वर्षीय महिला राधा देवी बलखंडिया नाले को पार करते समय बह गई। उस समय महिला भैंसे चराकर घर लौट रही थी। नाले के तेज बहाव में बहती महिला को देख वहां मौजूद अन्य महिलाओं ने शोर मचाया, जिससे गांव के लोग मौके पर पहुंचे। ग्राम विकास अधिकारी राजाराम गुर्जर, रामजीलाल, देवराज भैरूलाल ने जान जोखिम में डालकर करीब 400 मीटर दूर से महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। महिला को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पीपलू में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
टोंक जिला कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि वे पानी के बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और अपनी जान जोखिम में न डालें। पीपलू उपखंड अधिकारी कपिल शर्मा और तहसीलदार इन्द्रजीतसिंह चौहान ने भी लोगों से आग्रह किया है कि वे पानी की भयावहता को नजरअंदाज न करें और सतर्क रहें। रपटों पर बह रहे पानी को पार करने का रिस्क लेने वाले दुपहिया, चौपहिया वाहन चालकों और पैदल पार करने वाले लोगों को चेतावनी दी गई है कि उनकी लापरवाही कई जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है। युवाओं से भी अपील की गई है कि वे इस तरह की लापरवाही से बचें और सेल्फी लेने के शौक से अपनी जान जोखिम में न डालें।
क्षेत्रीय अधिकारियों ने लोगों से अनुरोध किया है कि यदि वे किसी को पानी के बहाव वाले क्षेत्रों में लापरवाही करते देखें तो उन्हें रोके। नदी-नालों की पुलिया और एनीकटों पर तेज बहाव में पानी निकालने का जोखिम न लें। पीपलू तहसीलदार इन्द्रजीतसिंह चौहान दिनभर में कई बार नदी की रपट और जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा कर लोगों को समझाईश देते हैं और सुरक्षित रहने की सलाह देते हैं।
आगे भी क्षेत्र में बारिश की संभावना बनी हुई है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन की ओर से लगातार जलभराव की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। ग्रामीणों से अपील है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें।

एसडीआरएफ के जवान गोविंद नारायण, कांस्टेबल कानजी राम और राकेश चंदेल ने ग्रामीणों के सहयोग से बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। जब 15 साल का यह बच्चा बह रहा था, उसी दौरान गोविंद नारायण ने पानी में छलांग लगा दी और ग्रामीणों के साथ मिलकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला।
दूसरी घटना पीपलू क्षेत्र के बलखंडिया नाले में हुई। 50 वर्षीय महिला राधा देवी बलखंडिया नाले को पार करते समय बह गई। उस समय महिला भैंसे चराकर घर लौट रही थी। नाले के तेज बहाव में बहती महिला को देख वहां मौजूद अन्य महिलाओं ने शोर मचाया, जिससे गांव के लोग मौके पर पहुंचे। ग्राम विकास अधिकारी राजाराम गुर्जर, रामजीलाल, देवराज भैरूलाल ने जान जोखिम में डालकर करीब 400 मीटर दूर से महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। महिला को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पीपलू में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
टोंक जिला कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि वे पानी के बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और अपनी जान जोखिम में न डालें। पीपलू उपखंड अधिकारी कपिल शर्मा और तहसीलदार इन्द्रजीतसिंह चौहान ने भी लोगों से आग्रह किया है कि वे पानी की भयावहता को नजरअंदाज न करें और सतर्क रहें। रपटों पर बह रहे पानी को पार करने का रिस्क लेने वाले दुपहिया, चौपहिया वाहन चालकों और पैदल पार करने वाले लोगों को चेतावनी दी गई है कि उनकी लापरवाही कई जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है। युवाओं से भी अपील की गई है कि वे इस तरह की लापरवाही से बचें और सेल्फी लेने के शौक से अपनी जान जोखिम में न डालें।
क्षेत्रीय अधिकारियों ने लोगों से अनुरोध किया है कि यदि वे किसी को पानी के बहाव वाले क्षेत्रों में लापरवाही करते देखें तो उन्हें रोके। नदी-नालों की पुलिया और एनीकटों पर तेज बहाव में पानी निकालने का जोखिम न लें। पीपलू तहसीलदार इन्द्रजीतसिंह चौहान दिनभर में कई बार नदी की रपट और जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा कर लोगों को समझाईश देते हैं और सुरक्षित रहने की सलाह देते हैं।
आगे भी क्षेत्र में बारिश की संभावना बनी हुई है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन की ओर से लगातार जलभराव की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। ग्रामीणों से अपील है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें।
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