केकड़ी, 12 अक्टूबर - दशहरा उत्सव के अवसर पर केकड़ी के पटेल मैदान में इस बार रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन भव्य तरीके से किया गया। हालांकि पुतलों में आग लगाने के दौरान पेट्रोल के बावजूद उन्हें जलाने में नगर परिषद के कर्मचारियों को काफी मेहनत करनी पड़ी। गौरतलब है कि पिछले साल रावण की इतनी जल्दीबाजी थी कि वह मेघनाद और कुंभकर्ण से पहले ही जल गया था। हालांकि कर्मचारियों ने इस बार हार नहीं मानी और आखिरकार रावण को हरा ही दिया। देर से सही लेकिन पटाखों की गूंज और जय श्रीराम के नारों के साथ पुतला धराशायी हुआ। पुतलों की जिद और कर्मचारियों की मेहनत के बीच विजयदशमी का संदेश एक बार फिर गूंजा – बुराई चाहे जितनी भी जिद्दी हो अच्छाई उसे हर हाल में परास्त कर ही देती है।


51 फीट ऊंचा रावण और 35-35 फीट ऊंचे कुम्भकर्ण और मेघनाद के पुतलों को फतेहपुर सीकरी के कलाकार अहमद फारूकी और उनकी टीम ने तैयार किया था। पुतलों को जलाने के लिए पूरी सावधानी बरती गई, लेकिन आग देर से पकड़ने के कारण कर्मचारियों को लगातार प्रयास करने पड़े। फिर भी इस व्यवधान का असर समारोह पर नहीं पड़ा और दर्शकों ने पूरे जोश के साथ आयोजन का आनंद लिया।


शोभायात्रा और मंचन ने मोहा मन

विजयवर्गीय समाज के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा का आयोजन हुआ, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पटेल मैदान पहुंची। वहां रामचरितमानस के प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया, जिसमें सीताहरण, जटायु वध, लक्ष्मण मूर्छा, लंका दहन और अंत में रावण वध का प्रभावी प्रदर्शन किया गया।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केकड़ी विधायक डॉ. शत्रुघ्न गौतम, उपखंड अधिकारी सुभाष हेमानी, और नगर परिषद के नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र चौधरी उपस्थित थे। हजारों की संख्या में दर्शक पटेल मैदान में मौजूद रहे और हर दृश्य का भरपूर आनंद लिया।

अंततः रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आग लगाने में थोड़ी देर जरूर लगी लेकिन जनता का उत्साह बना रहा। यह आयोजन हर साल की तरह इस बार भी सफल रहा। पटाखों की गूंज और जय श्रीराम के नारों के बीच यह पर्व पूरे उल्लास के साथ समाप्त हुआ जहां एक बार फिर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश गूंजता रहा।