राजस्थान में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 13 महीनों में साइबर अपराधियों ने राज्य में 141 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। अजमेर रेंज पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, अकेले अजमेर रेंज में साढ़े 12 महीनों में 138 करोड़ रुपये की ठगी दर्ज की गई, जिसमें से पुलिस ने 17 करोड़ रुपये की रकम होल्ड करने में सफलता प्राप्त की है।

अजमेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश ने टोंक एसपी ऑफिस में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि साइबर अपराधी विशेष रूप से वृद्ध नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। वे फर्जी कॉल, एसएमएस और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर लोगों से ठगी कर रहे हैं।

आईजी ने बताया कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए पुलिस विभिन्न जागरूकता अभियान चला रही है। इसके तहत आमजन को साइबर सुरक्षा के बारे में शिक्षित किया जा रहा है। साथ ही, साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।


साइबर अपराधियों की रणनीति


आईजी ओमप्रकाश ने बताया कि अपराधी वृद्ध नागरिकों को फर्जी ऑफर, बैंक अपडेट, और सरकारी योजनाओं का झांसा देकर ठगते हैं। इन अपराधों को रोकने के लिए पुलिस ने तकनीकी स्तर पर अपनी क्षमताएं बढ़ाई हैं।


आंकड़े और रिकवरी


पिछले 13 महीनों में राजस्थान में साइबर ठगी: 141 करोड़ रुपये


अजमेर रेंज में ठगी का आंकड़ा: 138 करोड़ रुपये


पुलिस द्वारा होल्ड की गई राशि: 17 करोड़ रुपये



सावधान रहने की अपील


आईजी ओमप्रकाश ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, एसएमएस या लिंक पर विश्वास न करें। कोई भी संदिग्ध गतिविधि या ठगी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।


निष्कर्ष


राजस्थान में साइबर अपराध एक गंभीर चुनौती बन चुके हैं। हालांकि, पुलिस की सक्रियता और जागरूकता अभियानों से इन अपराधों को रोकने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। आमजन की सतर्कता और पुलिस की मुस्तैदी से ही इन अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है।