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दिगम्बर जैन मुनि आदित्यसागरजी महाराज का केकड़ी नगर में हुआ भव्य मंगल प्रवेश, अगवानी में उमड़े सैंकड़ों श्रद्धालु
केकड़ी। श्रुत संवेगी दिगम्बर जैन मुनि आदित्यसागरजी महाराज का ससंघ बुधवार को केकड़ी में मंगल प्रवेश हुआ। वे सुबह सवा पांच बजे ग्राम कोहड़ा से पैदल विहार कर सुबह
Govind Vaishnav
Chief Editor
May 29, 2024 • 6:14 AM IST
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केकड़ी। श्रुत संवेगी दिगम्बर जैन मुनि आदित्यसागरजी महाराज का ससंघ बुधवार को केकड़ी में मंगल प्रवेश हुआ। वे सुबह सवा पांच बजे ग्राम कोहड़ा से पैदल विहार कर सुबह छह बजे केकड़ी नगर की सीमा पर पहुंचे, जहां दिगम्बर जैन समाज के सैंकड़ों श्रद्धालु महिला- पुरुष मुनि संघ की भव्य अगवानी में उमड़ पड़े। गुरुभक्ति के पश्चात मुनि संघ को ढोल बाजों व जयकारों के साथ भव्य शोभायात्रा जुलूस के रूप में नगर प्रवेश कराया गया। यह जुलूस बस स्टैंड, अजमेरी गेट व घंटाघर होते हुए देवगांव गेट के समीप स्थित दिगम्बर जैन चैत्यालय पहुंचकर एक धर्मसभा में परिवर्तित हो गया।

जुलूस में महिलाएं केसरिया परिधान व पुरुष श्वेत वस्त्र पहनकर शामिल थे। जुलूस के अंतर्गत बड़ी तादात में उत्साह से शामिल श्रद्धालुओं के जयजयकार के नारों से शहर का वातावरण भक्तिमय हो गया। जुलूस में सबसे आगे दो अश्वारोही जैन पताका लहराते हुए चल रहे थे। तत्पश्चात पंक्तिबद्ध बालक व बालिकाएं, अष्टमंगल लिए त्रिशला महिला मंडल, आध्यात्मिक सन्देश के साथ वामा महिला मंडल, छतरी व ध्वज लिए दिगम्बर जैन महिला मंडल, डांडिया खेलते हुए महिला महासमिति, बारह भावना के संदेश लिए शुभकामना परिवार तथा शांतिनाथ बहु मंडल, राजुल महिला मंडल व विशुद्ध वर्धनी महिला मंडल शामिल थे।

जुलूस में समाज की चन्द्रप्रभ पाठशाला के बालकों व महिलाओं के दो बेंड भी शामिल थे, जिनके घोष ने लोगों को रोमांचित कर दिया। इस लम्बे कतारबद्ध जुलूस में मुनि संघ को नगर प्रवेश कराने के लिए सैंकड़ों महिला-पुरुष, आबाल-वृद्ध शामिल हुए। जुलूस के मार्ग पर जगह-जगह स्वागत द्वार सजाए गए, जहां श्रद्धालुओं ने मुनिसंघ के पाद-प्रक्षालन कर भक्तिभाव प्रदर्शित किया।

इस अवसर पर दिगम्बर जैन चैत्यालय में आयोजित धर्मसभा में प्रवचन करते हुए मुनि आदित्यसागरजी महाराज ने कहा कि मनुष्य आत्मविश्वास व परिश्रम से इच्छित लक्ष्य सहज ही प्राप्त कर सकता है। विपरीत समय में मनुष्य धैर्यपूर्वक रहकर, भविष्य को सुनियोजित करते हुए सत्पुरुषार्थ से जीवन को सुखी बना सकता है। सभा के प्रारंभ में प्रेमचंद मनोजकुमार पांड्या परिवार ने पाद प्रक्षालन, कैलाशचंद आनंदकुमार सोनी परिवार ने चित्र अनावरण व दीप प्रज्वलन किया तथा कोटा निवासी श्रीमति लाडदेवी,राजेंद्र कुमार,महेंद्रकुमार व विकास गोधा परिवार ने मुनि संघ को शास्त्र भेंट किये। दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष भंवरलाल बज ने स्वागत किया। धर्मसभा का संचालन महावीर टोंग्या ने किया।

समाज के अरिहंत बज ने बताया कि आचार्य विशुद्धसागरजी महाराज के शिष्य मुनि आदित्यसागरजी महाराज व मुनिसंघ का यहां एक माह का ग्रीष्मकालीन प्रवास रहेगा। इस दौरान प्रतिदिन सुबह पांच बजे आचार्य भक्ति, साढ़े सात बजे नीति कक्षा, आठ बजे प्रवचन, साढ़े नौ बजे आहार चर्या, दोपहर तीन बजे स्वाध्याय तथा शाम छह बजे श्रुत समाधान के नियमित कार्यक्रम होंगे। मुनि संघ में मुनि आदित्यसागर जी महाराज के साथ मुनि अप्रतिमसागरजी महाराज, मुनि सहजसागरजी महाराज व क्षुल्लक श्रेयसागरजी महाराज शामिल है।

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