केकड़ी। बोहरा कॉलोनी स्थित श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दसलक्षण महापर्व का दूसरा दिन उत्तम मार्दव धर्म के रूप में मनाया गया। प्रातः पंडित निकेत शास्त्री सांगानेर के सानिध्य में शांतिधारा, नित्यनियम पूजा और विधान हुआ, जिसमें 11 अर्घ्य समर्पित किए गए। इस अवसर पर संगीतकार सुमित व सुनीता बिजोलिया ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए।


कार्यक्रम में ध्वजारोहण कर्ता और महायज्ञ नायक के रूप में भागचंद, ज्ञानचंद, जैन कुमार, विनय कुमार और विशाल भगत (सावर) शामिल रहे। सोधर्म इन्द्र का सौभाग्य ज्ञानचंद व सुनील कुमार जैन को, यज्ञनायक इन्द्र का विमल कुमार, राजेन्द्र कुमार, रमेशचंद जैन को तथा कुबेर इन्द्र का सौभाग्य अशोक कुमार, अविनाश व हैप्पी सिंघल (बघेरा) को मिला। समाज मंत्री कैलाश जैन (बघेरा) ने बताया कि प्रतिदिन दोपहर 3 बजे पंडित निकेत शास्त्री के सानिध्य में तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन हो रहा है।

शाम का कार्यक्रम

सामयिक प्रतिक्रमण के बाद समाज के 12 परिवारों ने संगीतमय महाआरती की। प्रवचन में पंडित शास्त्री ने कहा कि उत्तम मार्दव धर्म विनम्रता, कोमलता और करुणा का प्रतीक है। यह व्यक्ति को अहंकार और घमंड से दूर रखता है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में शांतिनाथ बहु मंडल की ओर से “पर्युषण की घड़ी (हाऊजी)” खेल का आयोजन हुआ। विजेताओं को अलका सदारा और मोनिका कालेड़ा ने पुरस्कार दिए।