केकडी- जिला बचाओ आन्दोलन के तहत अधिवक्ताओ का कोर्ट परिसर में धरना प्रदर्शन अनवरत जारी है। शुक्रवार को धरना प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता रोडूमल सोलंकी ने कहा कि केकडी जिले को समाप्त कर भजनलाल सरकार ने केकडी की जनता के अन्याय किया है और सरकार का जिला निरस्ती का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण फैसला है जिसे समय रहते सरकार को बदलते हुए फिर से केकडी को जिले का दर्जा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला हटने से केकडीवासियो की समस्या बढ गयी है, जिला मुख्यालय की दूरी के अलावा अन्य कई ऐसी समस्याएं जो अब जिला हटने के बाद धीरे धीरे केकडी की जनता के सामने आ रही है। 


उन्होंने कहा कि जिला निरस्ती के बाद कलक्टर व एसपी के हटने से क्षेत्र के बाशिन्दो के प्रशासनिक कार्यो में देरी हो रही है तथा उन्हीं लंबी दूरी तय कर अजमेर पहुंचना पड रहा है साथ ही सरकार की योजनाओ की क्रियान्विती भी क्षेत्र में सही नहीं हो पा रही है। इस अवसर पर अधिवक्ता महेन्द्र चौधरी ने कहा कि सरकार को अतिशीघ्र अपने फैसले पर पुर्नविचार कर केकडी को फिर से जिले का दर्जा देना चाहिए तथा जिले की सीमाओ का विस्तार करना चाहिए जिससे जिला बनने से अधिकाधिक लोगों को फायदा मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने जल्दबाजी में जिले को हटाने का फैसला लिया है जिसके दुष्परिणाम केकडी की जनता भुगत रही है। इस अवसर पर बार अध्यक्ष मनोज आहूजा ने बताया कि 28 फरवरी को अधिवक्ताओ द्वारा ब्लेक डे मनाया जाएगा तथा बडा विरोध प्रदर्शन अधिवक्ताओ द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ब्लेक डे को लेकर रूपरेखा तैयार की जा रही हैं। धरना प्रदर्शन के दौरान बार अध्यक्ष मनोज आहूजा, वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद अग्रवाल, मगनलाल लोधा, विजेन्द्र पाराशर, शिवप्रताप सिंह, रोडूमल सोलंकी, जितेन्द्र राजपुरोहित, सलीम गौरी, धर्मेन्द्रसिंह राठौड, नवलकिशोर पारीक, इमदाद अली, दिनेश पारीक, रामेश्वर कुमावत, विशाल राजपुरोहित, महेन्द्र चौधरी, समकित जैन, प्रहलाद वर्मा, अनिल शर्मा, केसरलाल चौधरी, शैलेन्द्र सिंह देवडा, बुद्धिप्रकाश चौधरी, आदिल कुरेशी, विनोद साटीवाल आदि मौजूद थे।