केकड़ी शहर में पारीक धर्मशाला राजपुरा रोड़ स्थित आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के चार दिवसीय हैप्पीनेस शिविर कार्यशाला प्रतिदिन सुबह आयोजित किया गया। पारीक धर्मशाला में चल रहे इस हैप्पीनेस शिविर का रविवार को समापन हुआ। ध्यान योग शिक्षिका गौरवी पाराशर ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग एक स्वयंसेवी-आधारित, मानवीय और शैक्षिक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) है। सन् 1981 में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर द्वारा स्थापित आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की कार्यशाला विश्व के 186 देशों में कार्यरत है और विश्व भर के व्यक्ति इन प्रोग्राम्स के माध्यम से शारीरिक और मानसिक लाभ ले रहे हैं। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था में सिखाई जाने वाली श्वास की अद्भुत प्रक्रिया सुदर्शन क्रिया कई तरह की शारीरिक और मानसिक बीमारियों में लाभकारी है। यह संस्था सांस लेने की तकनीक, ध्यान और योग पर आधारित कई तनाव-उन्मूलन और आत्म-विकास कार्यक्रम प्रदान करती है, जिसका उद्देश्य वसुदेव- कुटुम्बकम की दृष्टि से प्रेरित होकर व्यक्तिगत, सामाजिक, राष्ट्र और सम्पूर्ण विश्व के स्तर पर शांति स्थापित करना हैं।

यह हैप्पीनेस कार्यशाला में ही आगामी माह में फिर से आयोजित की जायेगी। शिविर में ध्यान योग शिक्षिका गौरवी पाराशर, सहयोगी राघव जोशी, महेंद्र पारीक, महावीर पारीक, डॉ जे एल मेघवाल, मनीष दाधीच, जगदीश पारीक,श्याम पारीक, महेश बोयत,रोहन पारीक, अनिल टांक, अंजली सोनी, रामावतार पारीक आदि कई शिविरार्थी मौजूद रहे  ।