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केकड़ी में अनुसूचित जाति एवं जनजाति संघर्ष समिति का विरोध प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट के फैसले को रद्द करने की मांग..जिला कलेक्टर श्वेता चौहान को सौंपा ज्ञापन, केकड़ी में भारत बंद का व्यापक असर
केकड़ी, 21 अगस्त 2024– अनुसूचित जाति एवं जनजाति संयुक्त संघर्ष समिति केकड़ी के बैनर तले बुधवार को सर्व दलित समाज का एक व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया
Govind Vaishnav
Chief Editor
Aug 21, 2024 • 3:00 AM IST
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केकड़ी, 21 अगस्त 2024– अनुसूचित जाति एवं जनजाति संयुक्त संघर्ष समिति केकड़ी के बैनर तले बुधवार को सर्व दलित समाज का एक व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का विरोध करना था, जिसमें अनुसूचित जातियों और जनजातियों के आरक्षण के उपवर्गीकरण को लेकर आदेश जारी किया गया था। समिति ने इस आदेश को संविधान के खिलाफ और अनुसूचित जाति-जनजाति के अधिकारों पर हमला बताया।

सुबह दस बजे पटेल मैदान में विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता एकत्र हुए और वहां से रैली निकाली। यह रैली अजमेरी गेट, घंटाघर, सदर बाजार होते हुए पुरानी केकड़ी, बस स्टैंड और जिला कलेक्टर कर्यालय केकड़ी में समाप्त हुई। प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर श्वेता चौहान को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर संसद से सुप्रीम कोर्ट के आदेश को निष्प्रभावी करने की मांग की। ज्ञापन के दौरान कर्नल दुर्गा लाल रेगर,ASP पार्टी अध्यक्ष दुर्गा लाल वर्मा,विकलांग संघ अध्यक्ष महावीर प्रसाद कांसोटिया,भीम आर्मी जिला अध्यक्ष देवराज बेरवा,शंकर लाल बेरवा, रतन पंवार,प्रेमचंद मौची,प्रभु लाल जागृत,महेंद्र गढ़वाल, रामावतार मीना, कमल सांखला, रोड मल सोलंकी, रतन पंवार, श्याम लाल बैरवा,रामस्वरूप सलावंडिया, प्रेमचंद मोची, रामचंद्र बैरवा, सीताराम खटीक, मूलचंद महावर, गोपाल लाल वर्मा,छीतर मल नैनवाल आदि सर्व दलित समाज के लोग उपस्थित थे।

ज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया कि अनुसूचित जाति एवं जनजातियों के साथ वर्षों से हो रहे भेदभाव, छुआछूत और अन्याय को समाप्त करने के लिए संविधान में आरक्षण का प्रावधान किया गया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले से इन अधिकारों पर खतरा मंडराने लगा है। समिति ने राष्ट्रपति से मांग की है कि अनुसूचित जाति और जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आरक्षण अधिनियम पारित किया जाए और उसे संविधान की नवीं सूची में डाला जाए, ताकि भविष्य में इनके अधिकारों के साथ छेड़छाड़ न हो।

ज्ञापन में न्यायपालिका, सरकारी सेवाओं में आरक्षण की स्थिति, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जाति के आधार पर उपवर्गीकरण इन वर्गों की एकजुटता को कमजोर करेगा और आरक्षण के उद्देश्यों को विफल कर देगा।अनुसूचित जाति एवं जनजाति संयुक्त संघर्ष समिति केकड़ी ने इस ज्ञापन के माध्यम से सरकार से अपील की है कि वह उच्चतम न्यायालय के इस निर्णय के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर करे और अनुसूचित जाति एवं जनजातियों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए।

आज केकड़ी शहर में भारत बंद के आह्वान का व्यापक असर देखा गया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण उपवर्गीकरण से संबंधित दिए गए फैसले के विरोध में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विभिन्न संगठनों ने भारत बंद का समर्थन किया। सुबह से ही शहर के प्रमुख क्षेत्रों में पुलिस का कड़ा बंदोबस्त देखने को मिला। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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