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केकड़ी जिले में अभिनव पहल से मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित...मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व एवं दूरगामी सोच से शिक्षा क्षेत्र में हो रहे नवाचार
केकड़ी, 9 जून। शासन की प्रभावशीलता को अक्सर जनप्रतिनिधियों की चुनौतियों का अनुमान लगाने और निर्णायक रूप से जवाब देने की क्षमता से मापा जाता है। राज्य के मुख
Govind Vaishnav
Chief Editor
Jun 09, 2024 • 6:59 AM IST
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केकड़ी, 9 जून। शासन की प्रभावशीलता को अक्सर जनप्रतिनिधियों की चुनौतियों का अनुमान लगाने और निर्णायक रूप से जवाब देने की क्षमता से मापा जाता है। राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ऐसे ही दूरदर्शी जनप्रतिनिधि है, जिनके शासन के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण और कुशल संकट प्रबंधन ने राजनीतिक नेतृत्व के लिए एक बेंचमार्क स्थाचित किया है। उनके कार्यकाल की विशेषता सक्रियता, कुशल संकट प्रबंधन एवं अभिनव पहलो से है। विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में, उनके निर्देशन में जिले में जहाँ मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थापना की गई। सबसे कम उम्र के नागरिकों की मजबूत नींव स्थापित कर उनके सर्वांगीण विकास की परिकल्पना से मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला कलक्टर श्रीमती श्वेता चौहान द्वारा जिले में 7 आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल आंगनवाड़ी केन्द्र में तब्दील किया गया ।
जिला कलक्टर श्रीमती श्वेता चौहान ने बताया कि राज्य सरकार की मंशानुरूप जिला प्रशासन एवं भामाशाहों के सहयोग से आंगनवाड़ी केन्द्रों पर मरम्मत व पेंटिंग कराकर केंद्रों की सभी दीवारों पर फल , सब्जियों , जानवरो ,वर्णमालाए , गिनती आदि का चित्रांकन और कलाकृति बनाकर बच्चो के सर्वांगीण विकास यथा शारीरिक ,बौद्धिक एवं संज्ञान्तमक विकास का सार्थक प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अनूठी पहल से जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर नवाचार से बच्चो का नामांकन बढ़ेगा और समाज व अभिभावकों की आंगनबाड़ी के प्रति सकारात्मक सोच बनेगी । इसके लिए मिशन बुनियाद कार्यक्रम की शुरुआत एनजीओ के सहयोग से 53 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को वर्कशॉप के माध्यम से प्रशिक्षण देकर की गई । उनका उत्साह वर्धन करते हुए नियमित रूप से केंद्रों पर ईसीसीई गतिविधियां आयोजित की जा रही है । इससे बच्चों के ज्ञान में वृद्धि के साथ उनका केंद्रों पर ठहराव भी बढ़ रहा है ।
उन्होंने बताया कि महिला एवम बाल विकास व चिकत्सा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 6 वर्ष के बच्चो की स्क्रीनिंग की गई । इसमें 38 बच्चे अतिकुपोषित और मध्यम कुपोषित पाए गए। वर्तमान में स्टेडियोमीटर, इनफेन्टोमीटर व वेइग मशीन के द्वारा बच्चों की लम्बाई व वजन के आधार पर नियमित बच्चो की मॉनिटरिंग की जाती है । उनके पैरेंट्स को उचित आहार की सलाह दी गई एवं चिकित्सकीय परामर्श से 6 बच्चे कुपोषित से सामान्य हो गए और शेष बच्चो का नियमित फॉलो अप किया जा रहा है।
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