टोक जिले में पुलिस ने एक शातिर चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो दिन में घरेलू सामान बेचने के बहाने घरों की रेकी कर बुजुर्ग दंपतियों को निशाना बनाता था। गिरोह ने टोंक, केकड़ी, अजमेर, दूदू, बूंदी, जालौर और भीलवाड़ा जैसे कई जिलों में 40 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है।

केकड़ी में भी सक्रिय था गिरोह

केकड़ी क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। विशेष टीम ने साइबर एक्सपर्ट की मदद से गिरोह के दो सदस्यों—सूरज कालबेलिया (पुनर्वास कॉलोनी, बंथली) और रामस्वरूप कालबेलिया (रूपाहेली, मालपुरा)—को गिरफ्तार किया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेजा गया है।

कैसे काम करता था गिरोह?

गिरोह के सदस्य दिन में घर-घर जाकर चाय के कप, चटाई जैसे घरेलू सामान बेचते थे। इस दौरान वे घर की स्थिति का जायजा लेते और उन घरों को निशाना बनाते जहां बुजुर्ग अकेले रहते थे। वारदात के दौरान वे सोने की मूर्तियां, गहने और नकदी चुराते थे। चोरी के बाद वे बाइक या चैपाई गाड़ियों से फरार हो जाते थे।

पुलिस की सफलता और आगे की कार्रवाई

लाम्बाहरिसिंह थाना प्रभारी मुकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गिरोह के दो सदस्यों को धर दबोचा। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने 28 अक्टूबर से 16 नवंबर के बीच रूपाहेली, गणवर, कालानाड़ा और पिनणी रोड पर कई वारदातें कीं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और अकेले बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

सुरक्षा के लिए सुझाव

घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाएं।

बाहरी व्यक्तियों से बातचीत में सतर्कता बरतें।

बुजुर्गों के साथ कोई संदिग्ध घटना हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

केकड़ी और आसपास के इलाकों में पुलिस की सक्रियता से क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही गिरोह के बाकी सदस्य भी पकड़ लिए जाएंगे।