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केकड़ी को जिला बनाने की मांग तेज़, आठवें दिन भी अधिवक्ताओं का धरना प्रदर्शन जारी, शिवसेना ने दिया समर्थन
केकड़ी- केकड़ी कस्बा इन दिनों आंदोलन का केंद्र बना हुआ है। सरकार द्वारा केकड़ी को जिले के दर्जे से हटाने के फैसले के खिलाफ बार एसोसिएशन केकड़ी ने पिछल
Govind Vaishnav
Chief Editor
Jan 10, 2025 • 8:22 AM IST
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केकड़ी- केकड़ी कस्बा इन दिनों आंदोलन का केंद्र बना हुआ है। सरकार द्वारा केकड़ी को जिले के दर्जे से हटाने के फैसले के खिलाफ बार एसोसिएशन केकड़ी ने पिछले आठ दिनों से कोर्ट परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू कर रखा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए यह निर्णय लिया है, जो जनता के साथ अन्याय है। कोर्ट परिसर में लगे टेंट के नीचे अधिवक्ताओं और नागरिकों का जमावड़ा लगा है। बार अध्यक्ष मनोज आहूजा ने शुक्रवार को प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा, यह फैसला जनभावनाओं के खिलाफ है। केकड़ी को जिले का दर्जा हटाने से यहां के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा। सरकार को बिना सोच-विचार किए यह निर्णय नहीं लेना चाहिए था। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता रामावतार मीणा ने कहा हमारा आंदोलन सरकार को यह बताने के लिए है कि केकड़ी की जनता इस फैसले को स्वीकार नहीं करेगी। सरकार को तुरंत पुनर्विचार कर केकड़ी का जिला दर्जा बहाल करना होगा।

शिवसेना ने जिला बचाओ आंदोलन का किया समर्थन–
धरना प्रदर्शन के दौरान शिवसेना यूबीटी के संभाग प्रमुख मुन्नालाल शर्मा एडवोकेट ने जिला बचाओ अभियान का समर्थन करते हुए सरकार से केकड़ी को फिर से जिले का दर्जा वापस देने की मांग रखी तथा बार एसोसिएशन को आश्वासन दिया कि बार एसोसिएशन के आंदोलन का समर्थन करते है। इस दौरान अधिवक्ता रामबाबू शर्मा व जितेंद्र उपाध्याय ने भी आंदोलन का समर्थन दिया जिस पर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने पदाधिकारी का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।

काव्य रचनाओं से सरकार पर निशाना
धरना स्थल पर अधिवक्ताओं ने अलग-अलग माध्यमों से अपनी बात रखी। अधिवक्ता सलीम गौरी, इमदाद अली, सुरेंद्र सिंह पंवार, और सानिया सेन ने कविताओं के जरिए सरकार की आलोचना की। उनकी रचनाओं में केकड़ी की ऐतिहासिक और प्रशासनिक महत्ता को उजागर किया गया और सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गई। धरने में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनोज आहूजा, उपाध्यक्ष शिव प्रसाद पाराशर, महासचिव मुकेश शर्मा, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौड़, अधिवक्ता हेमराज कानावत, अपर लोक अभियोजक मोहिंद्र जोशी, सीताराम कुमावत मगनलाल लोधा, चेतन धाभाई, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, मुकेश शर्मा सूर्यकांत दाधीच हेमंत जैन प्रहलाद चौधरी सुरेंद्र सिंह धन्नावत नवल किशोर पारीक रोडूमल सोलंकी रामदेव सैन, विशाल राजपुरोहित बुद्धि प्रकाश चौधरी लियाकत अली अनुराग पांडे आदि मौजूद थे।


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