26 सितंबर 2024,केकड़ी- 25 सितंबर को केकड़ी जिला बचाओ अभियान समिति के संयोजक एवं पदाधिकारियों ने शांतिपूर्ण एवं अहिंसात्मक धरने के लिए उपखंड अधिकारी से अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें अनुमति देने से मना कर दिया गया। इसके बाद समिति के सदस्य केकड़ी जिला कलेक्टर श्वेता चौहान से मिले और उनसे धरने की अनुमति की मांग की। कलेक्टर ने उन्हें धारा 144 नहीं होने की बात कहते हुए सुझाव दिया कि वे शांति से बैठ सकते हैं, लेकिन कोई लिखित अनुमति जारी नहीं की गई। इस असमंजस के बावजूद समिति के सदस्य अपने संकल्प पर अडिग रहे और 26 सितंबर से धरने की तैयारियों में जुट गए। समिति ने शांतिपूर्ण धरने के लिए टेंट लगाने शुरू कर दिए, लेकिन पुलिस ने धरने की अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए टेंट लगाने से रोक दिया।


26 सितंबर को दोपहर 1 बजे निर्धारित समय पर धरना शुरू हुआ। लगभग 2 बजे अचानक बरसात होने के बावजूद धरनार्थी अपनी जगह डटे रहे। राम अवतार सिखवाल और उनके साथी लगातार बारिश में भी अडिग खड़े रहे। संघर्ष की आग में तपते हुए, उन्होंने कहा कि चाहे हालात कैसे भी हों, उनके हौसले नहीं टूटेंगे। धीरे-धीरे इस आंदोलन में लोगों की भागीदारी बढ़ने लगी। ग्राम मानपुरा के निवासियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए जिले को बरकरार रखने की मांग की। 



न्यायिक कार्य का बहिष्कार

जिला बार एसोसिएशन ने भी जिला बचाओ अभियान का समर्थन करते हुए 27 सितंबर को पेन डाउन करने और न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की और शाम को बैनर का विमोचन किया।