Article Image
अधिवक्ताओं का सड़क पर आक्रोश—केकड़ी जिला बहाली की मांग तेज़
केकड़ी को जिला का दर्जा निरस्त किए जाने की 11वी मासिक बरसी पर बार एसोसिएशन केकड़ी के बैनर तले अधिवक्ता समुदाय सड़को पर उतर आया तथा भाजपा सरकार खिलाफ जोरदार
Govind Vaishnav
Chief Editor
Nov 28, 2025 • 6:35 AM IST
Share This Story
केकड़ी को जिला का दर्जा निरस्त किए जाने की 11वी मासिक बरसी पर बार एसोसिएशन केकड़ी के बैनर तले अधिवक्ता समुदाय सड़को पर उतर आया तथा भाजपा सरकार खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए शहर में रैली निकाली।इस दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया और उपखंड प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर केकड़ी को पुनः जिला घोषित करने की मांग की गई। अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में बताया कि केकड़ी से जिला दर्जा छीनना सरकार का गैर-जिम्मेदाराना व अनैतिक निर्णय है, जिसका सीधा नुकसान केकड़ी की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिला निरस्त होने के कारण विकास कार्य ठप पड़े हैं और जनता अपनी दैनिक प्रशासनिक जरूरतों के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर है। बार अध्यक्ष मनोज आहूजा ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही केकड़ी जिले को बहाल नहीं किया तो भाजपा सरकार को इसके दूरगामी राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी चुनावों में केकड़ी की जनता उनके साथ हुए छलावे का मुंहतोड़ जवाब देगी। आहूजा ने कहा कि केकड़ी के पास जिला बनने के सभी पैरामीटर्स मौजूद थे, इसके बावजूद जिले का दर्जा छीनना क्षेत्र के भविष्य के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा अगर आज केकड़ी जिला होता तो हजारों-करोड़ों के विकास कार्य यहां शुरू हो चुके होते, लेकिन दुर्भाग्य है कि सरकार ने केकड़ी से उसका हक छीन लिया। उन्होंने इस मौके पर केकड़ी की जनता से कहा कि सरकार को आज नहीं तो कल जिला तो बनाना होगा, किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है, जिला आंदोलन से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होती है तो उनके साथ काले कोट वाले 200 शेर खड़े है जो मुफ्त में पैरवी करेंगे उनका साथ भी देंगे। पूर्व बार अध्यक्ष रामावतार मीना ने कहा कि जनता सब देख रही है कि सरकार किसके साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास केवल जिला बनने पर ही गति पकड़ता है, लेकिन सरकार ने एक गलत व दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय लेकर विकास की संभावनाओं पर ब्रेक लगा दिया है। मीणा ने कहा सरकार का दायित्व जनता को विकास, रोजगार और सुविधाएं देना था, लेकिन इस फैसले से जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी गईं। कार्यक्रम में पूर्व बार अध्यक्ष हेमंत जैन, सलीम गौरी, सीताराम कुमावत, निरंजन चौधरी, मुकेश गुर्जर, मोहिंदर जोशी सहित कई अधिवक्ताओं ने संबोधित करते हुए केकड़ी को तुरंत जिला बहाल करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि जब तक सरकार केकड़ी को जिला नहीं बनाती, अधिवक्ताओं का यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान शैलेन्द्र सिंह राठौड़, रामावतार मीणा, पवन सिंह भाटी, लक्ष्मीचंद मीणा, आशिफ हुसैन, अनिल शर्मा, दशरथ सिंह, राजेंद्र अग्रवाल, सीताराम गुप्ता, घनश्याम वैष्णव, निरंजन चौधरी, सूर्यकांत दाधीच, रोडुमल सोलंकी, आशुतोष शर्मा, रामप्रसाद कुमावत, लोकेश शर्मा, कन्हैया लाल मेवाड़ा, शिवप्रकाश चौधरी, राकेश गुर्जर, भावेश जैन, अमित बसेर, आदिल कुरैशी, अभिनव अग्रवाल, केसर लाल चौधरी, डीएल वर्मा, इमदाद अली, मोहिंदर जोशी, हनुमान शर्मा, संवर लाल चौधरी, धर्मेंद्र सिंह राठौड़, नरेंद्र लोधा आदि मौजूद थे।
Morning Digest ☀️
Get the day's biggest stories delivered to your inbox every morning at 7 AM
Related Stories
ग्रामीण अवसंरचना विकास के लिए प्रमुख नीतिगत बदलाव की घोषणा की गई
Indian Railways Announces 50 New Amrit Bharat Express Routes
N A
Smart Cities Initiative Reaches Milestone Achievement